योग कक्षा में ‘शौच’ (पवित्रता/स्वच्छता) केवल एक दार्शनिक नियम नहीं है, बल्कि यह संक्रमण नियंत्रण (Infection Control) का एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक और विधिक प्रोटोकॉल है।
1. अभ्यास वातावरण की स्वच्छता:
मैट सैनिटाइजेशन (Mat Sanitization): त्वचा संक्रमण (Skin infections) और पसीने के बैक्टीरिया को फैलने से रोकने के लिए प्रत्येक सत्र के बाद योग मैट और प्रॉप्स (ब्लॉक/स्ट्रैप) को कीटाणुनाशक (Disinfectant) से साफ करना अनिवार्य है।
वायु-संचालन (Cross-ventilation): बंद स्टूडियो में श्वसन संबंधी जोखिम (Respiratory risks) बढ़ जाते हैं। ताजी हवा का प्रवाह (Fresh air flow) सुनिश्चित करें।
2. प्रशिक्षक की व्यक्तिगत स्वच्छता (Instructor Hygiene):
योग शिक्षक को ‘हैंड्स-ऑन एडजस्टमेंट’ (स्पर्श) करने से पूर्व और पश्चात अपने हाथों को सैनिटाइज करना चाहिए।
तेज परफ्यूम या डिओडोरेंट का प्रयोग न करें, क्योंकि कई साधकों को इससे एलर्जी (Allergy) या अस्थमा ट्रिगर हो सकता है।