एक ग्रीन योग एम्बेसडर की प्रेरक कहानी
[vc_row][vc_column width="5/6"][vc_column_text css=""] आयुष्य मंदिरम् विद्याभवन से मिला जीवन का नया अध्याय सुनील के लिए जीवन बस भाग-दौड़ थी। दिल्ली की एक छोटी-सी मार्केटिंग फर्म में काम करते हुए वह सुबह जल्दी उठता, ट्रैफिक जाम से जूझता और देर शाम थका-हारा घर लौटता। शहर की कंक्रीट की दुनिया में वह अपने स्वास्थ्य और अपनी पहचान दोनों को खोता जा रहा था। उसके जीवन में न तो शांति थी और न ही कोई दिशा। तभी एक दिन, उसने अपने एक मित्र से आयुष्य मंदिरम् विद्याभवन के बारे में सुना, जो रेवाड़ी में स्थित एक एक पारम्परिक चिकित्सा कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र है। मित्र ने उसे बताया कि यह सिर्फ़ एक प्रशिक्षण केंद्र नहीं, बल्कि प्राकृतिक जीवन जीने का एक पूरा दर्शन सिखाता है। सुनील ने बिना ज़्यादा सोचे-समझे, जीवन...